पेट्रोल के रेट मंगलवार को लगातार चौथे दिन बढ़े। मुंबई में पेट्रोल 87.73 रुपए और दिल्ली में 82.26 रुपए हो गया।
दोनों शहरों में 23 पैसे का इजाफा हुआ। तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतें 29
से 31 पैसे तक बढ़ाईं। चार अक्टूबर को केंद्र और 12 राज्यों ने पेट्रोल-डीजल के रेट घटाए। इससे 5 अक्टूबर को लोगों को कुछ राहत मिली।
लेकिन, महंगे क्रूड और रुपए में गिरावट की वजह से तेल कंपनियां कीमतें बढ़ा
रही हैं।
चार अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.5 रुपया कम किया था। तेल कंपनियों को एक रुपया घटाने के लिए कहा गया। केंद्र
की अपील पर भाजपा शासित राज्यों ने भी 2.5 रुपए घटाए।
अगस्त से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे। चार अक्टूबर को दिल्ली में
पेट्रोल 84 और मुंबई में 91.34 रुपए हो गया। ऐसे में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र को टैक्स घटाने
का फैसला लेना पड़ा।
कच्चे तेल के रेट बढ़ने से तेल कंपनियों के लिए आयात महंगा हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट से भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा
है। रुपया सोमवार को 74.06 पर बंद हुआ। इस साल रुपए में 16% से ज्यादा
गिरावट आई।
नई दिल्ली. पेट्रोल के रेट मंगलवार को लगातार चौथे दिन
बढ़े। मुंबई में पेट्रोल 87.73 रुपए और दिल्ली में 82.26 रुपए हो गया।
दोनों शहरों में 23 पैसे का इजाफा हुआ। तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतें 29
से 31 पैसे तक बढ़ाईं। चार अक्टूबर को केंद्र और 12 राज्यों ने
पेट्रोल-डीजल के रेट घटाए। इससे 5 अक्टूबर को लोगों को कुछ राहत मिली।
लेकिन, महंगे क्रूड और रुपए में गिरावट की वजह से तेल कंपनियां कीमतें बढ़ा
रही हैं।
चार अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.5
रुपया कम किया था। तेल कंपनियों को एक रुपया घटाने के लिए कहा गया। केंद्र
की अपील पर भाजपा शासित राज्यों ने भी 2.5 रुपए घटाए।
अगस्त से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे। चार अक्टूबर को दिल्ली में
पेट्रोल 84 और मुंबई में 91.34 रुपए हो गया। ऐसे में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़
और राजस्थान समेत 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र को टैक्स घटाने
का फैसला लेना पड़ा।
कच्चे तेल के रेट बढ़ने से तेल कंपनियों के लिए आयात महंगा हुआ है। डॉलर
के मुकाबले रुपए में गिरावट से भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा
है। रुपया सोमवार को 74.06 पर बंद हुआ। इस साल रुपए में 16% से ज्यादा
गिरावट आई।
नई दिल्ली. प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के चौथे
संस्करण के लिए सोमवार को हुई नीलामी में स्पेन की कैरोलिना मारिन और रियो
ओलिंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु की सबसे अधिक मांग रही। मारिन को
पुणे 7 एसेस और सिंधु को हैदराबाद हंटर्स ने 80-80 लाख रुपए में खरीदा।
सिंधु के लिए यह एक तरह से घर वापसी है, क्योंकि पिछले दो संस्करणों से वे
चेन्नई स्मैशर्स के लिए खेल रही थीं। लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता
साइना नेहवाल पहले राउंड में अनसोल्ड रह गईं थीं, बाद में उन्हें
नार्थ-ईस्ट वॉरियर्स ने 80 लाख रुपए में खरीदा। साइना लीग की आइकॉन खिलाड़ी
हैं। सिंधु ने हैदराबाद हंटर्स का हिस्सा बनने पर ट्वीट कर खुशी जाहिर की।
पीबीएल के चौथे संस्करण का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के बैनर तले स्पोट्जलाइव द्वारा किया जाएगा। लीग 22 दिसंबर, 2018
से 13 जनवरी 2019 तक खेली जाएगी। इसके मुकाबले पांच शहरों में होंगे। फाइनल
बेंगलुरु में खेले जाएंगे।
पुरुषों में एचएस प्रणय दिल्ली डैशर्स और किदांबी श्रीकांत को बेंगलुरु
रेप्टर्स ने 80-80 लाख रुपए में खरीदा। इस साल नो रिटेंशन या राइट टू मैच
कार्ड नहीं था। इस कारण खिलाड़ियों की नीलामी को लेकर फ्रेंचाइजीस में
जबरदस्त उत्साह था। हर टीम एक आइकॉन खिलाड़ी खरीदना चाहती थी।
इंडोनेशिया के टॉमी सुगिर्तो सबसे महंगे गैर-आइकान शटलर रहे। उन्हें
डालमिया सीमेंट ग्रुप के स्वामित्व वाली दिल्ली डैशर्स ने 70 लाख रुपए में
खरीदा। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए था।
भारतीयों शटलर्स की बात करें तो सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को अहमदाबाद
स्मैश मास्टर्स ने 52 लाख रुपए में खरीदा। हालांकि, उनका बेस प्राइस महज 15
लाख रुपए ही था।
नीलामी के बाद मारिन ने कहा, ‘मैं पुणे टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश
हूं। हैदराबाद मेरे लिए दूसरे घर की तरह था, लेकिन अब पुणे में जाकर
उत्साहित हूं। मुझे भारत के इस हिस्से को भी देखने का मौका मिलेगा।’
साइना ने कहा, ‘नार्थ-ईस्ट यूनाइटेड वॉरियर्स के साथ जुड़ना मेरे लिए बहुत बड़ा पल है। वहां के प्रशंसक जुनूनी हैं। मैं उनके लिए सर्वश्रेष्ठ
करने का प्रयास करूंगी। नार्थ-ईस्ट के लिए मेरे दिल में हमेशा से प्यार रहा
है। मुझे उम्मीद है कि इस साझेदारी से उस पूर्वोत्तर में भी बैडमिंटन का
विकास होगा।’
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