Wednesday, November 7, 2018

साड़ी में नजर आईं साउथ कोरिया की फर्स्ट लेडी

अयोध्या: उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में दीपावली पर्व में भाग लेने भारतीय परिधान साड़ी में पहुंची दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की पत्नी किमजुंग-सुक स्थानीय लोगों में चर्चा का केंद्र बनी रहीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे प्रभावित हुये बिना नहीं रह सके. वह मंगलवार को अयोध्या पहुंचीं थीं. उन्होंने इस पवित्र नगरी में कई कार्यक्रमों में भाग लिया जिनमें स्थानीय लोगों खासकर युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे. जब उनका हेलीकॉप्टर यहां बने रामकथा पार्क के पास उतरा तो लोगों ने उनका जोरदार तालियों से स्वागत किया और ’जय श्री राम‘ के नारे लगाए. 
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने मंगलवार को उनके साड़ी पहनने पर हर्ष व्यक्उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या और दक्षिण कोरिया के प्राचीन काल से संबंध रहे हैं. यह कड़ी भारत और दक्षिण कोरिया गणराज्य के मध्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की आधारशिला बनाती है.’’ किमजुंग ने एक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया. वह चार नवम्बर को भारत आईं थीं. रामकथा पार्क में अपने संबोधन में उन्होंने भारत और कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुये कहा कि उन्होंने दोनों देश की समृद्धि की कामना की है. उन्होंने अपने संबोधन में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि वह दिवाली मनाने अयोध्या आने पर बहुत खुश हैं. सियोल वापस लौटने से पहले वह आगरा में ताजमहल देखने भी जायेंगी. उन्होंने अपनी यात्रा की शुरूआत रानी ह्वांग-ओक के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करके की. ह्वांग ओक अयोध्या की राजकुमारी थीं जो कोरिया चली गई थीं. इस राजकुमारी की स्मृति में यहां एक स्मारक भी बनाया गया है.
त किया और उनकी तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टि्वटर पर साझा किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ यह अति प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि दक्षिण कोरिया गणराज्य की प्रथम महिला श्रीमती किमजुंग-सुक अयोध्या की यात्रा पर आयीं और परंपरागत भारतीय परिधान धारण किए. भारत के लोग उनकी इस उदारता की प्रशंसा करते हैं.’श्रीनगरः दिवाली के मौके पर पूरे देश के साथ साथ श्रीनगर बीएसफ मुख्यालय पर भी जश्न का माहौल है. श्रीनगर में तैनात बीएसएफ के जवान और उनके परिवार इस मेले में आकर दीपावली धूमधाम से दिपावली मना रहे हैं. जो जवान फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात हैं उनके परिवार इस मुख्यालय में अकेले ना महसूस करें इसके लिए अफसरों के परिवार उन्हें इस मेले में मिलकर दीपवाली की खुशियां बांटते है. इस तरह जवानों तक यह संदेश भेजा जा रहा है कि वो अकेले नहीं पूरा बीएसएफ उनके साथ खड़ा और उनपर गर्व भी करता है.
कश्मीर फ्रोंटयेयर आईजी की पत्नी नम्रता कुमार का कहना है " हमारे जवान जानते है उनकी प्राथमिकता क्या है और हम जानते है कि हमारा फ़र्ज़ क्या है. हमारे जवान यह बिलकुल ना समझें कि उनके परिवार अकेले हैं. हम उनके साथ हैं"
बीएसएफ कश्मीर फ्रोंटियर के आईजी अनुभव कुमार ने कहा " मैं अपने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. हमने हर जगह दीपावली के त्योहार को मानाने का बंदोबस्त किया है, लेकिन हमारे जवान साल के हर दिन चौकसी बरते हुए क्योंकि वो जानते है कि पडोसी देश के इरादे क्या रहते है"
इस मेले में विभिन किस्म के स्टाल सजाये गए, जहां खाने पीने के स्टालों के साथ साथ कई सामग्री सजी थी. साथ ही मनोरंजन और बच्चों के लिए खेलों के भी इंतज़ाम किये गए थे. पूरा मेला संगीत से गूंज रहा था. जवानों का मानना है कि ऐसे आयोजन उनका मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें यह महसूस नहीं होने देते कि वो अकेले है पूरी यूनिट एक परिवार दिखता है. 
सिपाही पवन कुमार ने कहा," ऐसे मेले लगने से हमें महसूस होता है कि हम एक परिवार है हम दोस्तों से मिलते है मौज मस्ती करते है. कठिन ड्यूटी में से त्योहारों पर कुछ समय निकल लेते हैं ऐसे कार्यक्रमों के लिए"
दीपावली हो या कोई त्योहार, हर किसी जवान को छूट्टी नसीब नहीं होती, क्योंकि जो जिम्मा इन जवानों ने संभाला है उसमे साल के हर दिन इन्होंने देश की सेवा में रहना का संकल्प लिया है और निसंदेह ही इसे हर कीमत पर पूरा भी करते है.

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