Monday, December 31, 2018

التحرش الجنسي: من هم أبرز المشاهير المتهمين في 2018؟

أول من أطلقت هاشتاغ "مي تو" في أواخر عام 2017، كانت الممثلة الأمريكية أليسا ميلانو، التي ادعت تحرش المخرج الأمريكي هارفي واينستين جنسياً بها. ودعت من خلال الهاشتاغ " أنا أيضاً" جميع النساء اللواتي تعرضن للتحرش الجنسي إلى الإفصاح عن تجاربهن وإرفاقها بالهاشتاغ. واستجابت المئات من النساء حول العالم لهذا الهاشتاغ وطالبن بوضع حد لهذا السلوك.
وكان عام 2018 عاماً لصرخة النساء في وجه المتحرشين بهن من كبار نجوم الفن والسينما وسط ذهول وصدمة الجمهور والمعجبين.
وتدعي الفتاة أن واينستين أخذها إلى شقته في مانهاتن وأجبرها على "أن تتحسس أعضاؤه وأرغمها على ممارسة الجنس تحت التهديد".
وبحسب وثائق المحكمة فقد قال لها واينستين :" إذا أردت أن تصبحي ممثلة فعليك أن تكوني مستعدة لعمل ما يطلبه منك المخرج بما في ذلك التعري".
وادعت الفتاة أن واينستين ظل يتحرش بها لمدة 10 سنوات.
ويواجه واينستين اتهامات بالتحرش الجنسي والمعاملة السيئة من أكثر من 70 امرأة. وقد تؤدي سلسلة التهم ومن بينها الاغتصاب التي يواجهها واينستين إلى قضاء بقية حياته في السجن في حال إدانته.
وقد أطلق سراحه في مايو/ أيار 2018، بكفالة قيمتها مليون دولار.
وُجه اتهام رسمي للممثل الأمريكي كيفين سبيسي بالتحرش الجنسي بمراهق في حانة في ولاية ماساتشوستس بالولايات المتحدة في عام 2016. وسيمثل سبيسي أمام المحكمة في 7 يناير/ كانون الثاني 2019.
ونفى سبيسي ذلك وقال في تسجيل مصور: "بالتأكيد لن أدفع ثمن أشياء لم أقم بها".والضحية هو ابن مقدمة الأخبار السابقة هيذر أونرو، التي تحدثت علنا عن الحادث العام الماضي.
واتهمت أونرو سبيسي بشراء الكحول لابنها، الذي كان آنذاك في الثامنة عشر وقتها، وتحرش به جنسياً، في الوقت الذي كان السن القانوني لاحتساء الكحول في ماساتشوستس هو 21 عاما.
وزعم آخرون لاحقا أن سبيسي تحرش بهم جنسيا أيضاً.
اعتذر الممثل الأمريكي الشهير مورغان فريمان بعد مواجهته بسوء السلوك الجنسي، من أكثر من 8 نساء. واتهمت مساعدة إنتاج فريمان بالتحرش بها على مدى أشهر أثناء تصوير الفيلم الكوميدي    .
وقالت صاحبة الادعاء إن فريمان (80 عاما) تلمس جسدها مرارا وتكرارا وحاول رفع تنورتها وسألها عن ما إذا كانت ترتدي ملابس داخلية. وقدم فريمان اعتذارا رسميا "لأي شخص شعر بالإنزعاج أو عدم الاحترام بسببه".
وأصدر بيانا قال فيه "أي شخص يعرفني أو عمل معي يعرف أنني لست شخصا يسيء للآخرين عن عمد أو يتعمد إزعاجهم".
تواجه الممثلة الإيطالية آسيا أرجنتو، التي كانت من أوائل الممثلات اللواتي اتهمن "هارفيواينستين" بالتحرش الجنسي، مزاعم التحرش بممثل شاب منذ خمسة أعوام، عندما كان في السابعة عشر بينما كانت أرجنتو آنذاك في السابعة والثلاثين.
ووردت تقارير عن أن أرجنتو دفعت للممثل جيمي بينيت، وهو الآن في الثانية والعشرين من عمره، مبلغ بقيمة 380 ألف دولار لشراء صمته بعد اتهامه لها بالتحرش الجنسي في فندق بكاليفورنيا.
وتقول كاري غولدبرغ، محامية أرجنتو، إن المبلغ أُعطي لبينيت لمساعدته وأنه كان يستغل مساعدتها له.
وقالت غولدبرغ إن أرجينتو كانت مضطرة للتعامل مع أشخاص "استغلوا نقاط ضعفها وقوتها".
ووصف محامي بينيت اللقاء الجنسي في الفندق بين موكله وأرجينتو بأنه "اعتداء جنسي" أضر نفسيا بموكله وبدخله وقدرته على العمل.
ومن بين الوثائق التي تقول صحيفة "نيويورك تايمز" إنها بحوزتها صورة سيلفي للاثنين يستلقيان فيها على الفراش، ويرجع تاريخها إلى 9 مايو/أيار 2013.

Tuesday, December 11, 2018

«الكونميبول» يشيد بنجاح نهائي «ليبرتادوريس»

أشاد رئيس اتحاد أميركا الجنوبية لكرة القدم (الكونميبول) اليخاندرو دومينجيز بدور رئيس نادي ريال مدريد فلورنتينو بيريز في إنجاح مباراة إياب نهائي كأس ليبرتادوريس بين ريفر بليت وبوكا جونيورز في استاد سانتياغو برنابيو بالعاصمة الاسبانية، وحقق ريفر اللقب للمرة الرابعة في تاريخه بفوزه 3-1 على غريمه الأرجنتيني بوكا بعد وقت إضافي.

وكان من المفترض أن تلعب مباراة الإياب قبل أسبوعين في استاد مونومنتال معقل ريفر لكنها تأجلت بسبب أحداث عنف، وأبلغ دومينجيز الصحافيين: «أهم شيء وجود فائز في النهاية من دون وقوع مشاكل، ويجب أن أوجه الشكر إلى فلورنتينو بيريز لأنه أتاح فرصة رائعة للجميع وأنا ممتن له».

وأضاف: «الفكرة صدرت مني ومن فريقي في البداية، ثم سألنا فلورنتينو واستجاب لها وتحول الحلم إلى حقيقة واستمتع الجميع بهذا النهائي»، وأثار نقل المباراة من الأرجنتين إلى اسبانيا ردود فعل غاضبة في أميركا الجنوبية، لكن دومينجيز بدا سعيدا بالنتيجة النهائية، وتابع: «كان هدفنا دائما اللعب في الأرجنتين، وحاولنا ذلك مرتين لكن في النهاية انتقلت الاحتفالية إلى مدريد، شاهدنا مباراة مثيرة وعمت السعادة كل أنحاء الاستاد».

وقال صاحب الهدف الثاني لفريق ريفر بليت اللاعب كينتيرو عن هدفه: «لم أفكر في الأمر. مرر كاميلو (مايادا) الكرة لي ووجدت مساحة فسددت. كان هدفا جميلا ويجب الاحتفاء به»، وأضاف زميله مارتينيز صاحب الهدف الأخير: «كنا الفريق الوحيد الذي سعى للفوز وخضنا المباراة بأكملها في نصف ملعبهم».

ومن المتوقع أن يسافر ريفر بشكل مباشر إلى الإمارات، لكن لوكاس براتو قال إن اللاعبين سيحتفلون بالإنجاز بعض الوقت قبل خوض أول مباراة في كأس العالم للأندية يوم 18 من الشهر الجاري، وقال: «نريد الاستمتاع بالكأس، لأنني لا اعتقد أننا سنفوز بلقب آخر مثل هذا أمام بوكا». سيكون ليفربول الإنكليزي مطالبا بإلحاق الهزيمة الأولى بنابولي الإيطالي في دور المجموعات من دوري أبطال أوروبا لكرة القدم عندما يستضيفه في ملعب «أنفيلد» ضمن الجولة السادسة الأخيرة من منافسات المجموعة الثالثة، وذلك لتحاشي الخروج المبكر بعد ستة أشهر على بلوغه النهائي القاري وخسارته أمام ريال مدريد الإسباني 1-3، ويملك نابولي 9 نقاط مقابل 8 لباريس سان جرمان الفرنسي و6 لليفربول.

ويكفي ليفربول الفوز بنتيجة 1-صفر ليضمن تأهله متفوقا على نابولي بفارق الأهداف، لأن الفريق الإيطالي أنهى مواجهة الذهاب بالنتيجة ذاتها. أما في حال تسجيل نابولي هدفاً، فإن ليفربول سيصبح مطالبا بالفوز بفارق هدفين ليضمن التأهل، في حين سيرتبط تأهل الفريق الإيطالي بحالة واحدة هي تعادل باريس سان جرمان مع مضيفه النجم الأحمر الصربي، لأن الفرق الثلاثة ستتساوى نقاطا في هذه الحالة وتشطب نتائج الفريق الصربي، وستكون الأنظار مسلطة على النجم المصري محمد صلاح الذي يخوض المباراة منتشيا بتسجيله ثلاثية في مرمى بورنموث، علما بأن هدفه الأول جعله يصبح أسرع لاعب يسجل 40 هدفا في 52 مباراة في تاريخ ليفربول في الدوري الإنكليزي الممتاز. ولن تكون مهمة باريس سان جرمان سهلة عندما يحل ضيفا على النجم الاحمر في بلغراد، حيث انتزع الأخير التعادل السلبي من نابولي ثم هزم ليفربول 2-صفر، وسيضمن فريق العاصمة التأهل في حالة الفوز بغض النظر عن نتيجة المباراة الثانية بين ليفربول ونابولي، أو التعادل، شرط عدم فوز الفريق الإنكليزي، فيما تبدو المعادلة واضحة أمام توتنهام إذا أراد التأهل إلى الدور ثمن النهائي لكنها صعبة أيضا، لأنه يتعين عليه الفوز على برشلونة في عقر دار الأخير، وفي المجموعة الأولى، يتنافس أتلتيكو مدريد الإسباني وبوروسيا دورتموند الألماني على الصدارة بعد ضمانهما بطاقتي الدور ثمن النهائي، أما المجموعة الرابعة، فستكون المنافسة على المركز الثالث المؤهل لمسابقة الدوري الأوروبي «يوروبا ليغ» بين غلطة سراي التركي (4 نقاط) ولوكوموتيف موسكو الروسي (3 نقاط) بعدما حسم بورتو البرتغالي وشالكه الألماني بطاقتي الدور الثاني.

Tuesday, November 27, 2018

वोटिंग के बीच कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लगाया ये बड़ा आरोप

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 6 दिसंबर से होना है। पहला टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जाना है। उससे पहले टीम इंडिया को आज से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एकादश के खिलाफ चार दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेलना था। सिडनी में लगातार हो रही बारिश के चलते पहले दिन का खेल बारिश में धुल गया। पहले दिन टॉस तक नहीं हो सका और टीम इंडिया को प्रैक्टिस करने का मौका नहीं मिला। कप्तान विराट कोहली ने बारिश के बीच भी कुछ ऐसा किया जिससे टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में मदद मिलेगी
विराट ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की है। इस फोटो में विराट के साथ सलामी बल्लेबाज मुरली विजय और तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भी नजर आ रहे हैं। बारिश ने टीम इंडिया को प्रैक्टिस का मौका नहीं दिया तो इन खिलाड़ियों ने जिम में जमकर पसीना बहाया। फोटो शेयर करते हुए विराट ने लिखा, 'बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है तो हमने अपने दिन का उपयोग करते हुए वर्कआउट किया। इन लड़को के साथ अच्छा वर्कआउट रहा।'
इससे पहले बीसीसीआई ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें लगातार बारिश नजर आ रही है। फैन्स प्रैक्टिस मैच शुरू नहीं होने से काफी खफा नजर आए और कहा कि प्रैक्टिस मैच नहीं खेलने का भारत को टेस्ट सीरीज में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। पहला टेस्ट भारत को एडिलेड के द ओवल मैदान पर खेलना है
मध्यप्रदेश (   2018) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के पक्ष के कई मतदान केंद्रों में से ईवीएम खराब होने की सूचनाएं आ रही हैं।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि कई ऐसे मतदान केंद्रों पर, जो कांग्रेस के पक्ष के हैं, वहां से ईवीएम ख़राब होने के समाचार आ रहे हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट्स से कहा है कि वे खराब मशीन के स्थान पर बदली जाने वाली मशीनों के नम्बर नोट कर लें और नयी मशीन को वोटिंग शुरु होने के पहले 50-100 वोट डाल कर चेक ज़रूर करें।
मध्यप्रदेश में आज मतदान हो रहा है। सुबह से ही कई स्थानों से ईवीएम में खराबी की खबरें आ रही हैं। बता दें कि आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पांच करोड़, चार लाख 33 हजार 079 मतदाता इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए अपना मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। ये मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद 2899 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदाताओं में दो करोड़ 63 लाख 01 हजार 300 पुरूष और दो करोड़ 41 लाख 30 हजार 390 महिलाएं शामिल हैं। सर्विस वोटर की संख्या 62 हजार 172 है।

Wednesday, November 7, 2018

साड़ी में नजर आईं साउथ कोरिया की फर्स्ट लेडी

अयोध्या: उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी में दीपावली पर्व में भाग लेने भारतीय परिधान साड़ी में पहुंची दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की पत्नी किमजुंग-सुक स्थानीय लोगों में चर्चा का केंद्र बनी रहीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनसे प्रभावित हुये बिना नहीं रह सके. वह मंगलवार को अयोध्या पहुंचीं थीं. उन्होंने इस पवित्र नगरी में कई कार्यक्रमों में भाग लिया जिनमें स्थानीय लोगों खासकर युवाओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे. जब उनका हेलीकॉप्टर यहां बने रामकथा पार्क के पास उतरा तो लोगों ने उनका जोरदार तालियों से स्वागत किया और ’जय श्री राम‘ के नारे लगाए. 
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने मंगलवार को उनके साड़ी पहनने पर हर्ष व्यक्उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या और दक्षिण कोरिया के प्राचीन काल से संबंध रहे हैं. यह कड़ी भारत और दक्षिण कोरिया गणराज्य के मध्य ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की आधारशिला बनाती है.’’ किमजुंग ने एक कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया. वह चार नवम्बर को भारत आईं थीं. रामकथा पार्क में अपने संबोधन में उन्होंने भारत और कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुये कहा कि उन्होंने दोनों देश की समृद्धि की कामना की है. उन्होंने अपने संबोधन में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि वह दिवाली मनाने अयोध्या आने पर बहुत खुश हैं. सियोल वापस लौटने से पहले वह आगरा में ताजमहल देखने भी जायेंगी. उन्होंने अपनी यात्रा की शुरूआत रानी ह्वांग-ओक के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करके की. ह्वांग ओक अयोध्या की राजकुमारी थीं जो कोरिया चली गई थीं. इस राजकुमारी की स्मृति में यहां एक स्मारक भी बनाया गया है.
त किया और उनकी तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टि्वटर पर साझा किया. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ यह अति प्रसन्नता और गर्व का विषय है कि दक्षिण कोरिया गणराज्य की प्रथम महिला श्रीमती किमजुंग-सुक अयोध्या की यात्रा पर आयीं और परंपरागत भारतीय परिधान धारण किए. भारत के लोग उनकी इस उदारता की प्रशंसा करते हैं.’श्रीनगरः दिवाली के मौके पर पूरे देश के साथ साथ श्रीनगर बीएसफ मुख्यालय पर भी जश्न का माहौल है. श्रीनगर में तैनात बीएसएफ के जवान और उनके परिवार इस मेले में आकर दीपावली धूमधाम से दिपावली मना रहे हैं. जो जवान फॉरवर्ड पोस्ट पर तैनात हैं उनके परिवार इस मुख्यालय में अकेले ना महसूस करें इसके लिए अफसरों के परिवार उन्हें इस मेले में मिलकर दीपवाली की खुशियां बांटते है. इस तरह जवानों तक यह संदेश भेजा जा रहा है कि वो अकेले नहीं पूरा बीएसएफ उनके साथ खड़ा और उनपर गर्व भी करता है.
कश्मीर फ्रोंटयेयर आईजी की पत्नी नम्रता कुमार का कहना है " हमारे जवान जानते है उनकी प्राथमिकता क्या है और हम जानते है कि हमारा फ़र्ज़ क्या है. हमारे जवान यह बिलकुल ना समझें कि उनके परिवार अकेले हैं. हम उनके साथ हैं"
बीएसएफ कश्मीर फ्रोंटियर के आईजी अनुभव कुमार ने कहा " मैं अपने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देना चाहता हूं. हमने हर जगह दीपावली के त्योहार को मानाने का बंदोबस्त किया है, लेकिन हमारे जवान साल के हर दिन चौकसी बरते हुए क्योंकि वो जानते है कि पडोसी देश के इरादे क्या रहते है"
इस मेले में विभिन किस्म के स्टाल सजाये गए, जहां खाने पीने के स्टालों के साथ साथ कई सामग्री सजी थी. साथ ही मनोरंजन और बच्चों के लिए खेलों के भी इंतज़ाम किये गए थे. पूरा मेला संगीत से गूंज रहा था. जवानों का मानना है कि ऐसे आयोजन उनका मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें यह महसूस नहीं होने देते कि वो अकेले है पूरी यूनिट एक परिवार दिखता है. 
सिपाही पवन कुमार ने कहा," ऐसे मेले लगने से हमें महसूस होता है कि हम एक परिवार है हम दोस्तों से मिलते है मौज मस्ती करते है. कठिन ड्यूटी में से त्योहारों पर कुछ समय निकल लेते हैं ऐसे कार्यक्रमों के लिए"
दीपावली हो या कोई त्योहार, हर किसी जवान को छूट्टी नसीब नहीं होती, क्योंकि जो जिम्मा इन जवानों ने संभाला है उसमे साल के हर दिन इन्होंने देश की सेवा में रहना का संकल्प लिया है और निसंदेह ही इसे हर कीमत पर पूरा भी करते है.

Tuesday, October 9, 2018

मुंबई में पेट्रोल का रेट 87.73 रुपए हुआ, दिल्ली में

 पेट्रोल के रेट मंगलवार को लगातार चौथे दिन बढ़े। मुंबई में पेट्रोल 87.73 रुपए और दिल्ली में 82.26 रुपए हो गया। दोनों शहरों में 23 पैसे का इजाफा हुआ। तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतें 29 से 31 पैसे तक बढ़ाईं। चार अक्टूबर को केंद्र और 12 राज्यों ने पेट्रोल-डीजल के रेट घटाए। इससे 5 अक्टूबर को लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन, महंगे क्रूड और रुपए में गिरावट की वजह से तेल कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं।
चार अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.5 रुपया कम किया था। तेल कंपनियों को एक रुपया घटाने के लिए कहा गया। केंद्र की अपील पर भाजपा शासित राज्यों ने भी 2.5 रुपए घटाए।
अगस्त से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे। चार अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल 84 और मुंबई में 91.34 रुपए हो गया। ऐसे में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र को टैक्स घटाने का फैसला लेना पड़ा।
कच्चे तेल के रेट बढ़ने से तेल कंपनियों के लिए आयात महंगा हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट से भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। रुपया सोमवार को 74.06 पर बंद हुआ। इस साल रुपए में 16% से ज्यादा गिरावट आई।
नई दिल्ली. पेट्रोल के रेट मंगलवार को लगातार चौथे दिन बढ़े। मुंबई में पेट्रोल 87.73 रुपए और दिल्ली में 82.26 रुपए हो गया। दोनों शहरों में 23 पैसे का इजाफा हुआ। तेल कंपनियों ने डीजल की कीमतें 29 से 31 पैसे तक बढ़ाईं। चार अक्टूबर को केंद्र और 12 राज्यों ने पेट्रोल-डीजल के रेट घटाए। इससे 5 अक्टूबर को लोगों को कुछ राहत मिली। लेकिन, महंगे क्रूड और रुपए में गिरावट की वजह से तेल कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं।
चार अक्टूबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 1.5 रुपया कम किया था। तेल कंपनियों को एक रुपया घटाने के लिए कहा गया। केंद्र की अपील पर भाजपा शासित राज्यों ने भी 2.5 रुपए घटाए।
अगस्त से तेल के दाम लगातार बढ़ रहे थे। चार अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल 84 और मुंबई में 91.34 रुपए हो गया। ऐसे में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान समेत 5 राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र को टैक्स घटाने का फैसला लेना पड़ा।
कच्चे तेल के रेट बढ़ने से तेल कंपनियों के लिए आयात महंगा हुआ है। डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट से भी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। रुपया सोमवार को 74.06 पर बंद हुआ। इस साल रुपए में 16% से ज्यादा गिरावट आई।
नई दिल्ली. प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के चौथे संस्करण के लिए सोमवार को हुई नीलामी में स्पेन की कैरोलिना मारिन और रियो ओलिंपिक की रजत पदक विजेता पीवी सिंधु की सबसे अधिक मांग रही। मारिन को पुणे 7 एसेस और सिंधु को हैदराबाद हंटर्स ने 80-80 लाख रुपए में खरीदा। सिंधु के लिए यह एक तरह से घर वापसी है, क्योंकि पिछले दो संस्करणों से वे चेन्नई स्मैशर्स के लिए खेल रही थीं। लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल पहले राउंड में अनसोल्ड रह गईं थीं, बाद में उन्हें नार्थ-ईस्ट वॉरियर्स ने 80 लाख रुपए में खरीदा। साइना लीग की आइकॉन खिलाड़ी हैं। सिंधु ने हैदराबाद हंटर्स का हिस्सा बनने पर ट्वीट कर खुशी जाहिर की।
पीबीएल के चौथे संस्करण का आयोजन बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) के बैनर तले स्पोट्जलाइव द्वारा किया जाएगा। लीग 22 दिसंबर, 2018 से 13 जनवरी 2019 तक खेली जाएगी। इसके मुकाबले पांच शहरों में होंगे। फाइनल बेंगलुरु में खेले जाएंगे।
पुरुषों में एचएस प्रणय दिल्ली डैशर्स और किदांबी श्रीकांत को बेंगलुरु रेप्टर्स ने 80-80 लाख रुपए में खरीदा। इस साल नो रिटेंशन या राइट टू मैच कार्ड नहीं था। इस कारण खिलाड़ियों की नीलामी को लेकर फ्रेंचाइजीस में जबरदस्त उत्साह था। हर टीम एक आइकॉन खिलाड़ी खरीदना चाहती थी।
इंडोनेशिया के टॉमी सुगिर्तो सबसे महंगे गैर-आइकान शटलर रहे। उन्हें डालमिया सीमेंट ग्रुप के स्वामित्व वाली दिल्ली डैशर्स ने 70 लाख रुपए में खरीदा। उनका बेस प्राइस 30 लाख रुपए था।
भारतीयों शटलर्स की बात करें तो सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को अहमदाबाद स्मैश मास्टर्स ने 52 लाख रुपए में खरीदा। हालांकि, उनका बेस प्राइस महज 15 लाख रुपए ही था।
नीलामी के बाद मारिन ने कहा, ‘मैं पुणे टीम का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। हैदराबाद मेरे लिए दूसरे घर की तरह था, लेकिन अब पुणे में जाकर उत्साहित हूं। मुझे भारत के इस हिस्से को भी देखने का मौका मिलेगा।’
साइना ने कहा, ‘नार्थ-ईस्ट यूनाइटेड वॉरियर्स के साथ जुड़ना मेरे लिए बहुत बड़ा पल है। वहां के प्रशंसक जुनूनी हैं। मैं उनके लिए सर्वश्रेष्ठ करने का प्रयास करूंगी। नार्थ-ईस्ट के लिए मेरे दिल में हमेशा से प्यार रहा है। मुझे उम्मीद है कि इस साझेदारी से उस पूर्वोत्तर में भी बैडमिंटन का विकास होगा।’

ऋषि कपूर से मिलने पति गोल्डी और ननद सृष्टि के साथ पहुंचीं सोनाली बेंद्रे, साथ थीं प्रियंका चोपड़ा

बॉलीवुड डेस्क.  अमेरिका में इलाज करा रहे ऋषि कपूर से मिलने हाल ही में प्रियंका चोपड़ा और सोनाली बेंद्रे पहुंचीं। सोशल मीडिया पर ऋषि के साथ उनके फोटो वायरल हो रहे हैं। ऋषि इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं, बीमारी के चलते वे मां कृष्णा राज कपूर के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके थे। 

प्रियंका ने लिखा मैसेज :  ऋषि के साथ प्रियंका ने फोटो पोस्ट करते हुए लिखा- "आप दोनों को एक साथ देख कर काफी अच्‍छा लगा। आप दोनों ऐसे ही हंसते और मुस्‍कुराते रहिए।" दूसरी फोटो में ऋषि-नीतू, सोनाली बेंद्रे के पति गोल्डी बहल और ननद सृष्टि बहल भी नजर आ रही हैं।

नहीं दिखे रनबीर : इनमें से किसी भी फोटो में रणबीर कपूर अपने पेरेंट्स के साथ नहीं दिख रहे हैं। बात अगर ऋषि की बीमारी की करें तो इसे लेकर कई कयास लगाए जा रहा हैं कि उन्‍हें तीसरी स्टेज का कैंसर है लेकिन इसके बारे अभी कोई पुष्‍टि नहीं हुई है। हालांकि सोनाली इन दिनों न्यूयॉर्क में मेटास्टैटिक कैंसर का इलाज करा रही हैं।

अनुपम के साथ मैनहट्टन में दिखे ऋषि : अनुपम खेर के साथ मैनहट्टन की सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। ऋषि ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- "न्यूयॉर्क, मैनहट्टन, खेर फ्री या भी केयर फ्री। दोपहर को मैडिसन एवेन्यू पर कलीग और पुराने दोस्त अनुपम खेर के साथ।" 

इंस्टा पर भी किया शेयर : अनुपम खेर ने भी यही वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए लिखा- "प्रिय ऋषि कपूर मैनहट्टन की सड़कों पर आपसे मिलना और आपके साथ वक्त बिताना रोमांचकारी रहा। आप वाकई बहुत ही अच्छे, मनोरंजक, बातचीत करने वाले इंसान हैं। आपसे इंडिया, न्यूयॉर्क, जिंदगी में फिल्मों के मैजिक और जरूरत पर बात करना अच्छा लगा। बहुत अच्छा लगा आपसे मिल के।"
बॉलीवुड डेस्क. रेस-3 के फ्लॉप हो जाने के बाद सलमान खान ने रेमो डिसूजा की अगली फिल्म को करने से मना कर दिया है। रेमो ने खुद इस बात की जानकारी दी है। रेमो ने बताया कि 'रेस-3 की आलोचना के चलते फिल्म को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।' इस तरह से कबीर खान के बाद रेमो दूसरे ऐसे डायरेक्टर बन गए हैं, जिनके साथ सलमान ने ऐसा किया है।
रेमो ने बताया कि बाप-बेटी की इमोशनल रिश्‍ते पर स्क्रिप्‍ट थी। इस स्क्रिप्ट को उन्होंने 'रेस 3' से पहले ही सलमान को सुना दी थी। सलमान को कहानी पसंद भी आई थी। सलमान ने फिल्म के लिए हामी भी भर दी थी। लेकिन अब इस फिल्म को उन्होंने रोक दिया है।
रेमो ने बताया कि सलमान ने ये तर्क देते हुए फिल्म रूकवा दी कि फिल्म 'बजरंगी भाईजान' के मिजाज की है। साथ ही 'ट्यूबलाइट' में तो किरदार ही बालबुद्ध‍ि वाला था। लिहाजा एक और बच्‍ची वाली फिल्‍म इस वक्‍त करना सही नहीं होगा।
रेमो ने बताया कि जिस फिल्म को सलमान ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है वो कब शुरू हो पाएगी ये तो सलमान ही बता सकते हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा हालात तो ये हैं कि वे भी बिजी हैं और मैं भी बिजी हूं। उन्होंने बताया कि 'रेस 3' से पहले उस अगली फिल्‍म के लिए स्‍टार कास्‍ट तय हो चुकी थी। फिल्म का अनाउंसमेंट भी करने वाले थे। फिल्म की शूटिंग के लिए लोकेशन भी फाइनल हो चुकी थी।
सलमान खान की फिल्म 'रेस 3' का ट्रेलर आने के बाद से ही दर्शकों ने इसे बकवास कहना शुरू कर दिया था। फिर रिलीज के बाद फिल्म को दुनिया की 100 सबसे खराब फिल्मों में शामिल किया गया था। फिल्म के कंटेंट को लेकर डायरेक्टर रेमो डिसूजा की सोशल मीडिया और क्रिटिक दोनों ने कड़ी आलोचना की। हालांकि, सलमान पर उंगलियां कम उठीं, जबकि रेमो को ज्‍यादा कसूरवार बताया गया था। फिल्‍म के ऊबाऊ होने के इल्‍जाम भी रेमो पर ही लगे थे।

Wednesday, September 26, 2018

सोपोर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो आतंकी ढेर किए

रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया। पुलिस के मुताबिक, इलाके में और भी आतंकी छिपे होने की आशंका है। सरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। 

पुलवामा-शोपियां में तलाशी अभियान तेज

  1. पुलिस ने बताया, सुरक्षाबलों को तुज्जर इलाके के नौपोरा गांव में कुछ आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।
  2. सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए। वहीं, प्रशासन ने मुठभेड़ के चलते इलाके के सारे स्कूल बंद कर दिए हैं। इंटरनेट पर भी रोक लगा दी गई है।
  3. दक्षिण कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से सुरक्षाबल पुलवामा और शोपियां में तलाशी अभियान चला रहे हैं। खुफिया विभाग ने इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी दी थी।
  4. हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने शुक्रवार को शोपियां से पुलिस के तीन जवानों को अगवा कर लिया था। बाद में उनके शव गोलियों से छलनी मिले।
    नेशनल डेस्क/अमेठी: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर मोदी सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं। इस बीच उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो कि अमेठी दौरे के दौरान का है, इस वीडियो में राहुल गांधी कह रहे हैं- 'अभी तो शुरुआत हुई है। अभी देखना, मजा आएगा। आने वाले 2-3 महीने में मजा दिखाएंगे हम आपको।' इससे पहले अगस्त में राहुल ने कहा था कि राफेल में वैश्विक भ्रष्टाचार है। आने वाले कुछ हफ्तों में राफेल से बड़े बम गिरने वाले हैं।
    राहुल ने कहा- मोदी चौकीदार नहीं, चोर हैं
    राहुल ने कहा कि एक-एक कर हम दिखा देंगे कि नरेंद्र मोदी
    नेशनल डेस्क, चेन्नई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2019 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन भाजपा तमिलनाडु की अध्यक्ष डॉ. तमिलसाई सौंदराजन ने कराया। इसके लिए उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर योजना ‘आयुष्मान भारत’ का हवाला दिया है।
    बीजेपी अध्यक्ष के पति ने भी नामांकन किया : तमिलसाई के पति डॉ. पी. सौंदराजन ने भी प्रधानमंत्री को इस सम्मान के लिए नामांकित किया है। डॉ. पी. सौंदराजन नेफ्रोलॉजी के वरिष्ठ परामर्शदाता और राज्य के प्राइवेट विश्वविद्यालय के नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष हैं।
    - सौंदराजन ने कहा कि पीएम मोदी दूरदर्शी हैं, जिन्होंने करोड़ों लोगों की सहूलियत के लिए यह योजना लागू की है। पार्टी अध्यक्ष ने बताया कि देश में गरीबी को देखते हुए यह हेल्थकेयर योजना काफी सराहनीय है।
    तमिलसाई ने देश-विदेश के सभी हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स और आम नागरिकों से नोबेल शांति पुरस्कार 2019 के लिए पीएम मोदी के नामांकन में उनका साथ देने की अपील की है।
    ऐसे मिलता है नोबेल : नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2019 है। इसकी नामांकन प्रक्रिया हर साल सितंबर में शुरू होती है। पहले चरण में जनता से नामांकन मंगाए जाते हैं। जो नाम मिलते हैं उन पर एक्सपर्ट्स विचार करते हैं।
    - नामांकित लोगों की खासियतों, उनकी खोज पर चर्चा होती है। नामित व्यक्ति के बारे में संबंधित देश की सरकार, पूर्व नोबेल विजेताओं, प्रोफेसरों से राय मांगी जाती है। यह पूरी प्रक्रिया करीब एक साल तक चलती है।
    किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत नोबेल पुरस्कार के लिए उसका नाम नामित करने का नियम नहीं है, किन्तु यदि नामांकन के उपरांत व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उसे पुरस्कार प्रदान किया जा सकता है। अब तक दो बार ऐसा हो चुका है।
    - यदि किसी श्रेणी में दो विजेताओं को संयुक्त रूप से पुरस्कृत किया जा रहा है, तो पुरस्कार राशि को बराबर भाग में बांटा जा सकता है। यदि तीन विजेता हैं तो प्रथम विजेता को आधी और शेष राशि को अन्य दो विजेताओं में बराबर बांटा जा सकता है।
    चौकीदार नहीं हैं, चोर हैं। मोदी सरकार ने हर जगह बेईमानी की है। मोदी के राफेल, ललित मोदी, विजय माल्या, नोटबंदी, गब्बर सिंह टैक्स जैसे सभी कामों में चोरी हुई है।
    राहुल ने कहा था- मोदी चोरों के सरगना
    कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार को ट्विटर पर एक वीडियो को शेयर करत मोदी को चोरों का सरगना (इंडियाज कमांडर इन थीफ) बताया था। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोपों पर कहा कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार को बदनाम करने का अभियान चला रही है।
    ओलांद के बयान पर बढ़ा था विवाद
    ओलांद ने कहा था कि रिलायंस को राफेल के स्थानीय भागीदार के रूप में चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। हालांकि, 24 घंटे बाद ही उन्होंने कहा- रिलायंस को चुने जाने के बारे में दैसो ही कुछ बता सकती है।

Monday, September 10, 2018

मोदी के पक्ष में कैसे जुटा मीडिया?

जैसा अभूतपूर्व वह छविहनन अभियान था उतना ही वह जनसमर्थन रहा है जिसने मोदी को एक आंधी बना कर प्रधानमंत्री बना दिया. इसलिए यह कहना कि मोदी को मीडिया ने बनाया है मज़ाक है.
मीडिया के बड़े हिस्सों का मोदी के पक्ष में जुटना तब हुआ जब प्रचार अभियान के दौरान उनको मिल रहे ऐतिहासिक समर्थन और स्वीकार्यता की अप्रत्याशित लहर का एहसास होना शुरू हुआ.
वह लहर मोदी और शाह की रणनीति, चुनावी तैयारी, विराट संसाधनों और टेक्नोलॉजी के कभी न देखे गए इस्तेमाल और सबसे ज़्यादा मोदी की अपनी ऊर्जावान, मौलिक वक्तृता और नए सपने दिखाने की कला से पैदा हुई थी. मीडिया इस गाड़ी में बाद में सवार हुआ.
शिव कहते हैं, दो दशक पहले मोदी पूरी तरह एक अफ़वाह थे. यह अद्भुत स्थापना है. सच यह है कि दो दशक पहले वह भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता थे जो बाद में महासचिव बने.
उनका गुजरात जाना, मुख्यमंत्री बनना किसी सोची समझी योजना के तहत नहीं भाजपा और गुजरात के भीतर उस समय की परिस्थितियों ने अचानक संभव कर दिया. वह अफ़वाह नहीं कभी-कबार मीडिया में आने वाले एक पार्टी नेता थे, बस.
मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद गोधरा और गुजरात दंगों में मोदी की छवि मीडिया ने एक आइकन या आदर्श नहीं इसके बिलकुल उलट एक भयानक खलनायक की बनाई थी.
इस अभूतपूर्व रूप से नकारात्मक मीडिया छवि से लड़ कर, उसे हरा कर मोदी सत्ता के शिखर पर पहुंचे. मोदी मीडिया के खोजे और बनाए हुए नहीं थे तब, मीडिया के मारे हुए थे.
आज चार साल बाद स्थिति कुछ दृष्टियों से उलट गई लगती है. शिव को अभी सिर्फ़ वही दिख रही है.
जैसा ,मैं ऊपर कह चुका हूं, आज का सच सचमुच यह है कि तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया का एक प्रभावशाली हिस्सा मोदी-महिमा में शामिल है. किन्तु एक हिस्सा, पूरा नहीं. यह हिस्सा अनालोचक हो गया है. पर यह कहना कि पूरा मीडिया ऐसा हो गया है, वैचारिक अतिवादिता है और अधूरी बात है.
शिव की शिकायतें जायज़ भी हैं. नोटबंदी पर मीडिया तथ्यपरक नहीं रहा कुछ को छोड़ कर. लेकिन उस समय लगभग पूरा देश, खासतौर पर मध्यम वर्ग और खुद मोदी तथा उनकी सरकार भी नोटबंदी की अच्छाईयों के सपनों से अभिभूत थे.
वह एक अत्यंत गंभीर गलती थी, मिसकैलकुलेशन था. पर सबको यह तो दिख रहा था कि मोदी ने एक भारी राजनीतिक जोखिम उठा कर यह कदम उठाया था. वह पूरी तरह नाकाम रहा, लेकिन इसने मोदी को बड़े, क्रांतिकारी किस्म के, देशहित में कड़े और अलोकप्रिय कदम उठाने की क्षमता वाले नेता के रूप में स्थापित किया. देश नीति में मोदी पर शिव की एक टिप्पणी गौरतलब है जो चकित करती है. मोदी के शिंजो आबे, पुतिन, ट्रंप के साथ दोस्ताना तस्वीरें खिंचवाने और इनसे लोगों को मोह लेने का आरोप लगाते समय शिव कहते हैं - मीडिया इन चार देशों के नैतिक खालीपन को देखना भूल जाता है.
क्या शिव जैसे गंभीर, वरिष्ठ चिंतक यह नहीं जानते कि असली राजनय में नैतिकता हमेशा, और हर देश के लिए, एक औपचारिकता के अलावा कुछ नहीं होती. उसपर देशहित का राजनय नहीं होता न हो सकता है.
विदेश मामलों में केवल देशहित सर्वोपरि होता है और यह देशहित नैतिक नहीं आर्थिक, सैनिक या रणनीतिक होता है।
लेकिन एक बात जो अपनी मीडिया आलोचना में शिव ने नहीं कही वह मैं कहना चाहता हूं. यह दुखद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रेस कांफ्रेंस नहीं करते. चार साल में एक भी नहीं. मीडिया को दूर रखते हैं. यह गलत है.
उन्हें करनी चाहिए सभी लोकतांत्रिक प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों की तरह. लेकिन अगर भारतीय मीडिया सचमुच उतना ही ठोस रूप से मोदी भक्त होता तो क्या मोदी उससे कतराते?

Wednesday, September 5, 2018

किसानों की कब्रगाह में बदलता पंजाब

मुख्तियार सिंह सर उठाकर पंजाब के आसमान को टकटकी बांधे देखते हैं. उनकी 75 साल पुरानी बूढ़ी आंखें यहां बरनाला ज़िले में पड़ने वाली गर्मियों की तेज़ धूप से टकराकर अचानक चुंधिया सी जाती हैं.
लेकिन वो फिर सर उठाकर आसमान को देखते हैं. इस बार आंखों में पानी लिए. तभी अचानक उनकी सांस तेज़ हो जाती है और हरी पगड़ी के नीचे जमा पसीने की बूंदे पूरे चेहरे को भिगोने लगती हैं.
वह हांफते हुए कहते हैं, "उस आख़िरी शाम जब मेरा बेटा घर आया था, तब वो भी इस आसमान को ही देख रहा था. उसकी माँ ने चाय-पानी पूछा तो बोला नहीं पीऊँगा. उसकी माँ को कुछ अजीब लगा तो उसने पैसे का पूछा. बेटे ने कहा मुझे क्या करना पैसों का?”
उस शाम मुख्तियार का बेटा गुरलाल जैसे नींद में चलते हुए घर लौटा था. फ़रवरी की ठंड में भी उसे पसीने आ रहे थे और वो बस अपना सर उठाए आसमान को देखे जा रहा था.
उसकी माँ ने पूछा, आसमान में क्या देख रहा है. जवाब में बेटे ने कहा, ‘ऊपर आसमान में पंछी गोल गोल चक्कर लगा रहे हैं. मैं ये उड़ते पंछी ही देख रहा हूँ’. बस इतना कहकर वो गश खाकर ज़मीन पर गिर पड़ा. उसके मुँह से झाग निकलने लगा.
हमने तुरंत उसे उठाकर खटिया पर लिटा दिया. तब हमें मालूम नहीं था कि वो स्प्रे (कीटनाशक) पीकर आया था. इसलिए हमने सोचा उसे कोई दौरा पड़ा है. पर इससे पहले कि हम उसे इलाज के लिए ले जा पाते, वो चला गया.
मुख्तियार बरनाला जिले के बदरा गांव में रहने वाले किसान हैं. उनके बेटे की ही तरह उनके गांव में अब तक 70 किसान बढ़ते कर्ज़ के चलते ख़ुदकुशी कर चुके हैं. बेटे की मौत के वक़्त मुख्तियार के परिवार पर भी 5 लाख रुपए का कर्ज़ था जो उन्होंने अपनी 2 बेटियों की शादी और खेती से जुड़े ख़र्चे पूरे करने के लिए लिया था.
लेनदार घर आकर पैसे मांगते और पैसे न दे पाने की वजह से गुरलाल परेशान रहते. पर घर में सबको हिम्मत बंधाने वाले इस बेटे ने किसी को अंदाज़ा नहीं होने दिया की वह अंदर ही अंदर टूट रहे थे.
मुझे देखते ही गुरलाल की बूढ़ी माँ रोने लगती हैं. बेटे से हुई आख़िरी बातचीत उनके ज़हन में अब भी ताज़ा है. पूछने पर सिर्फ़ गुरु गोविंद सिंह के छोटे साहेबजादों (गुरु गोविंद सिंह के बच्चों) के साथ लगी अपने बेटे की बचपन की तस्वीर दिखाती हैं.
उनके ख़ामोश आंसुओं की गूंज जैसे दोपहर के सन्नाटे को चीरते हुए उसी आसमान तक जाती थी, जिसको देखते हुए उनका बेटा चला गया था.
भारतीय सिनेमा में सालों से परोसी जा रही सरसों के खेतों, दूध की नदियों और नाचते गाते पंजाब के ख़ुशहाल किसानों वाली छवि के पीछे छिपी असली ज़मीनी कहानी मेरे लिए अभी शुरू ही हुई थी.
दिल्ली से शुरू हुई यात्रा जैसे ही दक्षिण पंजाब में दाख़िल होती है, आंकड़ो में खींची गई उदासीन तस्वीर आसपास ज़िंदा होने लगी. धूल की एक मोटी जर्द परत में डूबे बरनाला, संगररूर और मनसा ज़िलों के गांव किसी गहरी उदासी में डूबे थे.
साठ के दशक में हरित क्रांति के महनायकों के तौर पर उभरा पंजाब आज किसानों की क़ब्रगाह में क्यों तब्दील हो चुका है? ख़ुशहाली और समृद्धि के प्रतीक के तौर पर पहचाने जाने वाले इस राज्य में आज मौत का सन्नाटा क्यों पसरा पड़ा है? इन सब सवालों के जवाब ढूँढते हुए हम बरनाला ज़िले के भूटना गांव में रहने वाली 47 वर्षीय हरपाल कौर के घर पहुंचे.
रपाल के घर की दीवारों की तरह ही उनकी ज़िंदगी में भी कोई नहीं रंग था. बीती तीन पुश्तों में उनके घर के चार लोग आत्महत्या कर चुके हैं. इस फ़ेहरिस्त में सबसे नया नाम हरपाल के पति 50 वर्षीय भगवान सिंह का है जिन्होंने इसी जनवरी में ख़ुदकुशी कर ली. इससे पहले भगवान के पिता, उनके दादा और चाचा ने भी बढ़ते क़र्ज़ और घटती आमदनी के चलते आत्महत्या कर ली थी. साल दर साल परिवार पर बीती त्रासदियों की छाप घर के माहौल में साफ़ महसूस की जा सकती थी. स्लेटी रंग के सलवार क़मीज़ पर काले रंग का दुपट्टा ओढ़े खड़ी हरपाल के व्यक्तित्व में दुख इस तरह घुल मिल गया था जैसे उनके शरीर का कोई हिस्सा हो. देर तक ख़ामोश रहने के बाद हरपाल ने बातचीत शुरू की. हमारे पास एक एकड़ से भी कम ज़मीन है. इस ज़मीन पर सिर्फ़ जानवरों के लिए चारा उग पाता है. खेती के लिए हमें ज़मीन किराए पर लेनी पड़ती है. पिछले साल भी हमने 15 एकड़ ज़मीन ठेके पर लेकर खेती की थी. सारी फ़सल तैयार खड़ी थी कि साल के आख़िर में ओले पड़ गए. हमारी खड़ी फ़सल बर्बाद हो गयी.
मेरे पति को वैसे भी ब्लड प्रेशर था. वो फ़सल ख़राब होने की टेंशन ले गए. परेशान रहने लगे. अक्सर रोते रहते और मुझसे कहते कि अब वो अकेले हो गए हैं. पहले से ही हमारे सर पर 8 लाख का क़र्ज़ था, उसपर भी फ़सल ख़राब हो गई तो हालात क़ाबू के बाहर हो गए”.
हरपाल बताती हैं कि उनके और उनके पति के लिए इस मुश्किल जीवन की पृष्ठभूमि उनकी शादी से पहले ही तैयार हो चुकी थी. उनके शादीशुदा जीवन की सबसे पुरानी यादें भी क़र्ज़ से आज़ाद नहीं हैं. वह जोड़ती हैं, “मेरे पति ने सारी ज़िंदगी जी तोड़ मेहनत की. ख़ुद फ़सल की रोपाई करते, फिर सिंचाई और देखभाल भी. दिसंबर की ठंड में भी जानवरों की रखवाली के लिए उन्हें खेतों पर जाना पड़ता था. पर हमारी क़िस्मत जैसे पहले ही तय हो चुकी थी.”
हरपाल का परिवार क़र्ज़ के एक ऐसे दुश्चक्र में फँस गया था जो पीढ़ी दर पीढ़ी घर के सदस्यों को निगलता जा रहा था.
“पहले दादा ने ख़ुदकुशी की फिर उनका क़र्ज़ न उतार पाने की वजह से मेरे ससुर ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने भैसों के गले में बांधी जाने वाली रस्सी से ख़ुद को फाँसी लगाई थी. इसी तरह बढ़ते क़र्ज़ के चलते मेरे ससुर के भाई ने भी स्प्रे पीकर ख़ुदकुशी कर ली. अब इन सबके जाने के बाद घर में जो लड़कियाँ बचीं थीं, उनकी शादी की ज़िम्मेदारी मेरे पति पर ही आ गई.
उन्होंने चाचा की बेटियों और अपनी बहनों तक सबकी शादियाँ करवाईं, लेकिन जब अपने बच्चों की बारी आई तो उनके पास कुछ नहीं बचा था. वो रोते और मुझसे कहते थे कि सब उनके सर कर्ज़ा डाल कर उन्हें अकेला छोड़ कर चले गए.”
घर में हुई तीन आत्महत्याओं के बाद हरपाल को शक तो था कि उनके पति ऐसा कुछ कर सकते हैं. इसलिए वो पति को अकेला नहीं छोड़ती थीं.
लेकिन 15 जनवरी 2018 की रात भगवान सिंह रोज़ की तरह जानवरों से खेत की रखवाली करने के लिए घर से निकले. पत्नी ने उन्हें रात का खाना साथ में बाँध कर दे दिया था. पर सबके सो जाने के बाद बीच रात भगवान वापस घर लौटे. घर के एक कमरे में उनकी पत्नी और बच्चे सो रहे थे. ठीक उसके बाज़ू वाले कमरे में उन्होंने ख़ुद को फाँसी लगा ली. अगले दिन सारी दुनिया के लिए सुबह हुई पर हरपाल के जीवन में ये रात इतनी जल्दी ख़त्म होने वाली नहीं थी.

Monday, September 3, 2018

FB यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा भाषाओं का सटीक अनुवाद

फेसबुक में रिसर्चर्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कम संसाधनों वाली भाषाएं जैसे ऊर्दू और बर्मी के सरल और सटीक अनुवाद का तरीका विकसित किया है. एक जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से मिली है.
फोर्ब्स के मुताबिक, महत्वपूर्ण खोज को एम्पिरिकल मेथड्स इन नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग या 
दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल उसकी नीतियों और नियमों का उल्लंघन किए जाने के कारण प्रति सेकेंड लगभग 100 स्कैम विज्ञापनों को हटा रही है और भविष्य में ऐसे विज्ञापनों से बचने के लिए जल्द ही वेरिफिकेशन प्रोग्राम शुरू करेगी.
सैमसंग, शाओमी और ऐपल जैसे मशहूर ब्रांड के स्मार्टफोन की मांग सेकेंड हैंड बिक्री बाजार में भी खूब देखने को मिल रही है. ऑनलाइन सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीद-बिक्री से जुड़े प्लेटफॉर्म  के आंकड़ों पर गौर करें तो सेकेंड हैंड स्मार्टफोन बाजार में ये ब्रांड तीनों अव्वल स्थान पर हैं.
स्कोडा ऑटो ने नए सुपर्ब स्पोर्टलाइन एडिशन को ऑफिशियल वेबसाइट पर लिस्ट किया है, जिससे माना जा रहा है कि भारत में जल्द इसकी लॉन्चिंग हो सकती है. स्कोडा सुपर्ब स्पोर्टलाइन कंपनी के फ्लैगशिप सेडान का स्पोर्टी और फन-टू-ड्राइव वेरिएंट हो सकता है.
लेनोवो के स्वामित्व वाले मोटोरोला ने अपने नए एंड्रॉयड वन स्मार्टफोन्स Motorola One और Motorola One Power को बर्लिन में  में पेश कर दिया है. इन स्मार्टफोन्स की चर्चा काफी पहले से लगातार हो रही थी.
में पेश किया जाएगा. फेसबुक के लिए ये खोज महत्वपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि सोशल मीडिया कंपनी दुनिया भर में यूजरों को उनकी पसंदीदा भाषा में पोस्ट पढ़ने में मदद के लिए ऑटोमैटिक लैंग्वेज ट्रांसलेशन का इस्तेमाल करती है.
मौजूदा मशीनी अनुवाद प्रणाली कुछ भाषाओं में इंसानी स्तर के प्रदर्शन को हासिल कर सकती है, लेकिन उसके पास सीखने के लिए विभिन्न भाषाओं में एक ही वाक्य का अपार संग्रह होना चाहिए.
फेसबुक AI रिसर्च (FAIR) डिवीजन की टीम मशीन ट्रांसलेशन ( ) सिस्टम को ट्रेनिंग देने में कामयाब रही है. इसमें विकिपीडिया जैसी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वेबसाइट्स से विभिन्न भाषाओं के विभिन्न टेक्स्ट को फीड किया गया है. सबसे अहम यह है कि ये वाक्य एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं.
फेयर के पेरिस रिसर्च लैब के प्रमुख और शोधकर्मी एंटनी बोर्डस ने कहा कि एक समानांतर संग्रह तैयार करना बहुत जटिल काम है क्योंकि इसके लिए दोनों भाषाओं में पारंगत लोगों की जरूरत होती है. मसलन, पुर्तगाली/नेपाली का समानांतर संग्रह तैयार करने के लिए इन दोनों भाषाओं में पारंगत लोगों की जरूरत होती है और यह बेहद कठिन काम है.
यहां जानें दिनभर क्या रहा टेक जगत का हाल. हम यहां आपको टेक्नोलॉजी की दुनिया की 5 बड़ी खबरें दे रहे हैं, नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं हमारी पूरी खबर...
टोयोटा ने अपने बेस्ट सेलिंग प्रोडक्ट्स   और  को भारतीय बाजार के लिए अपडेट कर दिया है. कंपनी ने इन कारों में नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है. इन कारों को अपडेट सेफ्टी और टेक्नोलॉजी दोनों के हिसाब से दिया गया है.
बैंकों का 9 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज न चुकाने वाले कारोबारी विजय माल्या को भारत लाने की कोशिशें अब तक कामयाब नहीं हो पाई हैं. इस बीच उससे जुड़ी एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है, जिसमें ये दावा किया गया है कि अब तक प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से जो नोटिस माल्या को भेजे जा रहे थे, वो गलत पते पर भेजे गए.
विजय माल्या के वकील अमित देसाई ने ये दावा किया है. दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय समेत दूसरी जांच एजेंसियां भी माल्या की धरपकड़ में लगी हुई हैं. ब्रिटेन की अदालत में माल्या के प्रत्यर्पण का केस भी चल रहा है. जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से विजय माल्या को नोटिस भी भेजे गए. इसी में माल्या को 27 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का नोटिस भी भेजा गया था.
माल्या के पेश न होने पर सफाई देते हुए नोटिस के जवाब में अमित देसाई ने कहा कि ईडी ने माल्या को जो भी नोटिस भेजे हैं, वो गलत पते पर भेजे गए हैं और उन्हें एजेंसी का कोई भी नोटिस नहीं मिला है. देसाई का दावा है कि ये नोटिस बेंगलुरु स्थित दफ्तर पर भेजे गए हैं. अब देसाई ने ये भी कहा है कि उन्हें जवाब देने के पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए.
बता दें कि विजय माल्या के खिलाफ लंदन में प्रत्यर्पण केस चल रहा है. भारतीय बैंकों के साथ कर्ज में नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी विजय माल्या दो मार्च 2016 देश छोड़कर फरार हो गए था और पिछले दो साल से लंदन में ही रह रहा है.

Friday, August 31, 2018

सुप्रीम कोर्ट ने कहा एससी-एसटी को केवल गृह राज्य में आरक्षण मिल सकता है

सुप्रीम कोर्ट की एक संवैधानिक बेंच ने गुरुवार को कहा है कि अनुसूचित जाति और जनजाति को सरकारी नौकरियों में केवल उनके गृह राज्य में ही आरक्षण मिल सकता है. इस बेंच ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अपने गृह राज्य से किसी दूसरे राज्य में बस गया है तो उसे दूसरे राज्य में आरक्षण का फ़ायदा नहीं मिलेगा.
इस बेंच ने यह आदेश इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के एक वि

रोधाभासी फ़ैसले को लेकर दिया है. पाँच जजों की बेंच में जस्टिस रंजन गोगोई, एनवी रमन, आर भानुमति, एमएम संतनागौदार और एस अब्दुल नज़ीर शामिल थे.
इस बेंच ने कहा कि कोई व्यक्ति अगर दूसरे राज्य में बस गया है तो उसके गृह राज्य में उसके अनुसूचित जाति या जनजाति होने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. इस बेंच ने यह बात राज्य और केंद्र शासित राज्यों में संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के ज़रिए मिलने वा

ले आरक्षण के फ़ायदों पर कही है. 19 के लोकसभा चुनावों को लेकर बिहार के एनडीए में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों के बँटवारे पर एक नया प्रस्ताव सामने आया है. बीजेपी ने जेडीयू के सामने 20-20 का फ़ॉर्म्युला रखा है.
बीजेपी बिहार की कुल 40 सीटों में से 20 पर

अमरीकी डॉलर की तुलना में भारतीय मुद्रा रुपए में गिरावट थम नहीं रही है. गुरुवार को रुपए में ऐतिहासिक गिरावट के साथ मार्केट बंद हुआ. एक डॉलर की क़ीमत गुरुवार को 70.86 रुपए तक पहुंच गई.
बताया जा रहा है कि महीने के आख़िर में डॉलर की मांग में ब

ढ़ोतरी और तेल की क़ीमतों में उछाल के कारण ऐसा हुआ है. पिछले हफ़्ते से ही रुपए में गिरावट जारी है. बाज़ार के डीलरों का कहना है कि आरबीआई को इसे रोकने के लिए गंभीरता से सोचना चाहिए ताकि भगदड़ जैसी स्थिति पैदा नहीं हो.
लड़ना चाहती है और अपने सहयोगियों को 20 सीटें देना चाहती है. 20 में 12 पर जेडीयू, 6 पर रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और दो पर उपेंद्र कुशवाह की आरएलएसपी को लड़ाने का प्रस्ताव पेश किया है.
हालांकि एनडीए के नेताओं ने किसी भी फॉर्म्युले पर सहमति से इनकार किया है. जेडीयू ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 38 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन दो पर ही जीत मिली थी जबकि बीजेपी ने 30 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 22 पर जीत मिली थी. जेडीयू का कहना है कि बीजेपी पहले रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाह को सीट दे दे तब उससे बात करे.

गिरफ़्तारी के दो दिन बाद हैदराबाद लौटे क्रांतिकारी लेखक वरवर राव ने कहा है कि जो फ़ासीवादी नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं उन्हें साज़िशकर्ता कहना एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है.
राव ने कहा कि इससे बड़ी कोई साज़िश नहीं हो सकती है. पुणे पुलिस ने वरवर राव को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाँव में हिंसा के मामले में गिरफ़्तार किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को उनके घर में ही नज़रबंद रखने का आदेश दिया है.
वरवर राव ने कहा कि यह फ़र्ज़ी मुक़दमा है और उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो सरकार की फ़ासीवादी नीतियों के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं.


अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर उनके देश के साथ बेहतर बर्ताव नहीं किया गया तो वो विश्व व्यापार संगठन से हट जाएंगे.
ट्रंप अक्सर डब्ल्यूटीओ की यह कहते हुए आलोचना करते रहे हैं कि इसमें बने रहने से अमरीका को घाटा है. ट्रंप प्रशासन की संरक्षणवादी नीतियां डब्ल्यूटीओ की खुली व्यापार व्यवस्था के ख़िलाफ़ हैं.

Thursday, August 30, 2018

绿色气候基金:仅仅是美好的构想?

富国终于肯为绿色气候基金掏钱了。可是,即便富国在12月利马气候会议之前承诺了93亿美元作为示好,若要确保气候援助资金能够成为达成全球气候协议的“垫脚石”而非“绊脚石”,富国要做的事情还有很多。

周四,30个国家代表齐集柏林,承诺为绿色气候基金(一个旨在帮助发展中国家减少温室气体排放并适应气候变化的基金)筹款93亿美元,这离联合国要求的在下个月利马会议之前筹集100亿美元的目标相差无几。

一年之前,绿色气候基金的帐面上还空空如也。因此,周四富裕国家做出的93亿美元的承诺受到了广泛欢迎。各国现在可以开始申报项目,申报期直到2015年底的巴黎气候大会之前。

世界资源研究所的分析员阿历克斯·杜卡斯说:“周四发布的通告表明,绿色气候基金如今势头正健,不仅能够在从现在开始到巴黎气候大会召开的这段时间里取得巨大的进展,而且还要阐明资金未来的去处。”

他还说:“考虑到上周中美关于排放目标的联合宣言,气候基金的资金承诺将有助于利马气候大会取得进展。”

尽管发展中国家希望捐助国能够在今年年底前承诺拿出150亿美元的愿望落空,但此次承诺的93亿美元也会使得这些国家不能再以此为借口,而在 11月底开始的联合国气候谈判事项中无所作为。

2009年的哥本哈根气候大会宣布从2020年开始,发达国家每年向发展中国家提供1000亿美元用于资助其开展减排和气候变化适应项目。但发展中国家一直在指责发达国家逃避兑现承诺,这让本就出名缓慢的联合国气候谈判进程雪上加霜。

但是,气候资金问题上取得的进展可能意味着,那些相对贫困却有着高碳排放强度的国家(尤其是中国和印度,以及越南和印尼等新兴经济体)探讨制定自身宏大的减排目标的意愿更加强烈。

杜卡斯指出:“发达国家的资金承诺意味着发展中国家可以看到用于低碳和减排项目的切实款项,当然他们希望有更多的资金投入,尤其在适应气候变化方面。”

但从某些角度来说,说服发达国家最终打开钱包拿出100亿美元的初始资金,可能是最容易的一个环节。

如果要兑现发达国家在哥本哈根大会上做出的承诺,气候资金总额(绿色气候基金是其重要组成部分,但并非全部)需要在未来五年中扩大10倍。

这既需要各国政府贡献更多的资金,也需要私营部门将资金投入到那些与气候适应相关的方案中去,而这些方案的投资回报则未必比得上投资可再生能源项目。

目前为止,适应项目获得的资金仅占气候资金总额的六分之一,而绿色气候基金希望能够将一半的预算用于帮助人们应对气候变化的影响上。

对各国政府来说,鼓励私营部门的投资成为一件越来越紧迫的任务,特别是那些担心因国内民粹主义而会对外国援助进行抵制的国家。

刚刚从中期选举中获胜的美国共和党国会议员已经发誓要力挫奥巴马总统本周做出的捐款30亿美元的承诺。在英国,执政保守党中日益强大的右翼力量想要限制对外援助预算。因此,想要动用公共资金资助海外气候项目可能会变得越来越困难。

英国首相大卫·卡梅隆在柏林会议上强调其承诺的资金来自现有的预算,或许这是因为他对民粹和民族主义政党——王国独立党所表达的“本国为先”的观点有所顾虑所致,而后者恰好在同一天在议会递补选举中获胜。

其它气候基金的数据也表明,政客们的承诺与实际行动之间存在很大差距。

据气候基金更新网站估计,迄今各国、基金会以及企业承诺拿出的气候基金达已到210亿美元,但已经“支出”或者到位的仅有30亿美元。

不过,资金方面之所以出现这个差距,部分原因是由于一直未能建立一个能够运作并有效、透明地管理气候基金的官方机构。还有一项研究则认为这个差距是由于重复计算了(本应标注为“非新增”融资)承诺资金,以及苛刻的贷款条件所致,比如利率太高,从而将小型气候适应项目拒之门外。

此外,批评人士说今天在柏林开会的这些国家不应该现在就自称自赞,因为他们承诺的款项要在长达5年的时间里才能兑现。

国际环境与发展研究所( )的高级研究员涅哈·雷说:“这93亿美元并非重复发放的年度资金,而是一次性的。与哥本哈根大会上做出的从2020年开始每年提供1000亿美元的承诺相比,这笔钱显得微不足道。”

决策者面临一个重大问题是:由于发达国家和发展中国家都面临着税制改革,而这些改革将反映导致气候变化的化石燃料的真实市场价格,那么以前用于补贴化石燃料的那些款项能变成气候资金吗?


绿色气候基金私营部门咨询小组的成员阿马尔-李·阿敏说:“如果各国政府能成功地做到这一点,那将有助于弥补资金上的差距”。

Wednesday, August 29, 2018

我为什么抗议马云狩猎?

中国富豪、阿里巴巴董事局主席马云英国狩猎,遭遇中国环保人士抗议。

有英国媒体报道,两年前,马云花费3.6万英镑,于苏格兰一个小村落租了一座城堡,与11位朋友共同打猎,一周内猎取17只雄鹿。

中国环保组织“自然大学”随后发公开信,表示抗议,称其行为将激发中国富豪狩猎热,对野生动物保护工作产生负面影响。

抗议马云狩猎
,有可能意味着“自然大学”以后将得不到阿里巴巴公益基金会的资助。但“自然大学”创办人冯永锋并不后悔。他说,环保组织是要有态度的,对某个问题有看法和判断,就要及时说出来。一个行业的健康,也需要这样的深度互动。这才是真正的团结。

中外对话采访了冯永锋。

中外对话:有网民认为,
“自然大学”抗议马云狩猎是在“捏软柿子”与其向马云抗议,不如要求欧、美、非洲等地区跟中国一样禁止狩猎。您怎么看待“捏软柿子”?

冯永锋:在中国,环保组织经常要打“遭遇战”,每天会发生什么事,你根本没法预料到。遭遇了,就要表态,就要表达,就要干预。“自然大学”是一家以行动干预加行动研究见长的组织,我们每天都在针对事件做积极的回应。我们一年介入类似的事件成百起。马云只是一个小案例而已,他不是“软柿子”也不是“硬柿子”。从环保角度来说,这也算不上什么特色案例,只是我们诸多遭遇战中的一个小战役。没什么大惊小怪的。

我们当然也在调研中国的狩猎问题,虽然做得并不持续。我们这两年干预的大量野生动物尤其是鸟类的保护案例,已经足以证明,中国的野生动物每天都在遭遇各种残酷的捕杀。没有一个物种不是在中国人的威逼下苟延残喘。一些具体的调查结果我们也会陆续公布。

中外对话:
许中国富人去英国等发达国家狩猎,是不是一件好事,毕竟还有很多运动狩猎爱好者,中国富人也是人,也有享受合法爱好和运动狩猎的权利。他们去管理规范的国家狩猎,能否减轻中国野生动物保护的压力?

冯永锋:不可能,打哪国的动物都是杀害动物。而且要命的是,这些人不会因为到了国外打猎,就学会了尊重自然和保护环境,相反,他们只是过了一把开枪的杀戮瘾而已。

中外对话:说中国不适合狩猎,“自然大学”有过详细调查吗?

冯永锋:中国物种的灭绝速度,估计是全世界最快的。原因很简单,一是自然栖息地的大量散失和破碎化,二是各种形式的捕杀和食用,三是无止境的人工养殖许可导致野外种群被大量捕捉,四是各种动物园、标本爱好者、宠物爱好者的大量购买和消费。

我们当然不可能对国内的所有情况进行调查。但我们每天都在干预各种遭遇到的野生动物伤害事件,也和全国的关注动物保护的组织有密切来往。中国这片土地上,对野生动物每天都发生着什么事,我们应当是极清楚的。

中外对话:
马云对中国环保事业是有贡献的,因其两年前在英国的一次并不违法的狩猎经历,而严加指责,这对马云是不是不公平?从团结环保人士的角度来看利弊如何?

冯永锋:马云的阿里巴巴基金会正在尝试资助中国的民间环保组织,他们的探索我们是看在眼里的。但马云过度相信了“世界先进”,耗巨资去和大自然保护协会(TNC)来往,我觉得这个做法很愚蠢。因为中国的环境保护,希望一定在中国的“草根”组织身上。你不全力支持“草根”,却花这么高的学费去学些可能根本用不上的“先进技能”,我认为得不偿失。

环保组织是要有态度的,你对某个问题有看法和判断,就要及时地说出来。一个行业的健康,也需要这样的深度互动。这才是真正的团结。如果说担心他们以后不资助 “自然大学”,就不敢说话了,这不是我们的风格。虽然,明快表达是一定会有代价的。确实有可能,阿里巴巴公益基金会,会因为我们的批评表态,而不愿意再资助我们。

中外对话:
有观点认为,把运动狩猎绝对化加以否定,仅从这点来看,就暴露出中国环保组织的一个软肋:做事缺乏理性和科学精神,更多的是凭热情和理想在干。在中国做环保,最需要的是什么? 

冯永锋:理性和科学往往是最大的假象,那些说别人不理性不科学的人,自己也理性不到哪去,科学不到哪去。他们用来推理和试图压服他人的证据,要么是古代的片面说道根本站不住脚,要么是别国的探索完全与本国不沾边,要么是“大胆的假设”根本无法在现实中推行,要么是必须满足诸多不可能的条件下的狭窄可能。

我觉得,中国的问题在中国,解决中国问题的出路和智慧也都在中国。永远面对现实的环境问题,老实地去干预和改良,这是中国民间环境保护的唯一出路。这几年,我们还是很可悲地发现,这样工作的民间组织太少。现实问题都不去参与解决,理性和科学有何意义?何况,做公益、做环保,本来也不可能只靠理性和科学,在我看来,理性和科学在环境保护中的作用,最多只占10%,其他的90%,都是靠勇敢、智慧、笨重的行动和韧性。

Sunday, August 26, 2018

प्रेस रिव्यू: चरमपंथी बन रहे कश्मीरी युवाओं की संख्या बढ़ी

अख़बार के मुताबिक कश्मीर में स्थानीय युवाओं के चरमपंथी समूहों में शामिल होने का आंकड़ा इस साल तेज़ी से बढ़ा है.
गृह मंत्रालय ने इस साल 31 जुलाई तक के आंकड़े जारी किए गए हैं.
वर्ष 2010 के बाद इस साल सबसे ज़्यादा क़रीब 130 स्‍थानीय युवा विभिन्न चरमपंथी संगठनों में शामिल हुए हैं.
इनमें से अधिकतर नौजवान अलक़ायदा से वैचारि
हिंदुस्तान अख़बार में छपा है कि राजधानी दिल्ली समेत देश के कई शहरों में डीजल के दाम रविवार को अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए.
क जुड़ाव रखने वाले समूहों से जुड़े हैं
साथ ही पेट्रोल के दाम भी इस साल 29 मई को दर्ज ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के क़रीब पहुंच चुके हैं.
दिल्ली में रविवार को डीज़ल 14 पैसे महंगा होकर 69.32 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया.
चेन्नई में डीजल 15 पैसे महंगा हुआ और इसकी कीमत 73.23 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर रही.की ख़बर के मुताबिक़ प्रधानमंत्री के जम्मू-कश्मीर के लिए तय किए गए 'डिवेलपमेंट पैकेज' के 28 बड़े प्रोजेक्ट तीन साल बाद भी अधर में लटके हुए हैं.
इन प्रोजेक्ट्स में आईआईएम और एम्स जैसे संस्थानों और लद्दाख में जोजीला टनल के निर्माण की योजना भी शामिल है.
हर एक प्रोजेक्ट 1000 करोड़ या उससे ज़्यादा का है.
प्रोजेक्ट पूरे ना होने के पीछे कई कारण हैं जिसमें से कुछ में केंद्र से फ़ंड रिलीज़ ना होना भी एक वजह बताई जा रही है.
अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक़ आम आदमी पार्टी सोमवार को पूर्ण राज्य के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की तरफ कूच करेगी.
प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय की अगुवाई में होने वाले मार्च में दिल्लीवालों के क़रीब दस लाख समर्थन पत्र भी होंगे.
दरअसल, आप ने बीते महीनों में दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए एक अभियान शुरू किया है.
आप कार्यकर्ता आम दिल्लीवालों के पास मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का एक पत्र लेकर गए जिसमें केजरीवाल ने पूर्ण राज्य की ज़रूरत बताई थी.
इसके साथ ही आप कार्यकर्ताओं ने आम लोगों से दस्तख़त कराकर समर्थन पत्र भी भरवाया.
दैनिक जागरण अख़बार के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को लेकर चर्चा किए जाने को स्वस्थ लोकतंत्र का प्रतीक बताया है.
मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों को इस बारे में अपने विचार रखने चाहिए, अच्छे विकास के लिए ये ज़रूरी है.
उन्होंने कहा कि ऐसा करना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि देना होगा, जिन्होंने देश की राजनीतिक संस्कृति बदल दी थी.
तीन दिन पहले ही मुख़्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा था कि बिना किसी क़ानूनी ढांचे के लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना मुमकिन नहीं है.

Friday, August 17, 2018

वो सुन नहीं सकती, लेकिन है नम्बर वन गोल्फर

दीक्षा के पिता ने कागज़-कलम उठाई और कुछ लिखकर दीक्षा की तरफ बढ़ा दिया, हाथों में गोल्फ़ स्टिक थामे दीक्षा ने कागज़ पर लिखा मैसेज पढ़ा और फ़िर मैदान पर रखी छोटी-सी बॉल की तरफ़ एक टक ध्यान लगाते हुए कागज़ पर लिखे उस ख़ास शॉट को हूबहू मार कर दिखा दिया.
शॉट मारते ही आवाज़ आई...खटैक!!! जिसके बाद उनके आसपास मौजूद लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी, लेकिन दीक्षा ना तो शॉट की आवाज़ सुन सकीं, ना ही उसके बाद बजने वाली तालियों की.
दरअसल दीक्षा जन्म से ही सुन नहीं सकतीं. सुनने के लिए उन्हें अपने कानों में एक मशीन लगानी पड़ती है जिसकी मदद से वो 60 से 70 फ़ीसदी सुन पाती हैं. उस दिन मैदान में उमस होने की वजह से इस मशीन ने काम करना बंद कर दिया था.
लेकिन उनकी ये शारीरिक अक्षमता उन्हें जीतने और आगे बढ़ने से रोक नहीं सकी.
अपने इसी बुलंद हौसले और जीत के जज़्बे के साथ दीक्षा 18 अगस्त से जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा लेने पहुंच रही हैं.
दिल्ली में रहने वाली दीक्षा 23 से 26 अगस्त तक गोल्फ़ के मैदान में उतरेंगी. टीम इवेंट के साथ-साथ वो एकल मुकाबलों में भी भारत को महिला गोल्फ़ का पहला मेडल दिलाने की जी-तोड़ कोशिश करेंगी.न मुकाबलों में उनके सामने जापान, साउथ कोरिया, चीनी ताइपे और थाईलैंड जैसी टीमों की चुनौती होगी.
तीन साल तक नंबर वन एमेच्योर गोल्फ़र रह चुकीं 17 साल की दीक्षा डागर से देश को बहुत उम्मीद है. उनकी तामाम उपलब्धियां उनकी काबीलियत की तस्दीक करती हैं.
सुनने के लिए अब उनके पास बेहतर तकनीक वाली मशीन है जो आसानी से ख़राब नहीं होती.
दीक्षा के बड़े भाई योगेश भी सुनने में अक्षम हैं, इसलिए जन्म से पहले ही दीक्षा को लेकर भी मां-बाप को आशंका थी.
दीक्षा के जन्म से पहले उन्होंने तमाम मन्नतें मांगी. लेकिन दीक्षा के जन्म के तीन साल बाद हुए टेस्ट में वे सुनने में अक्षम पाई गईं.
उनके पिता कर्नल नरेंद्र डागर बताते हैं, "ये जानकर पूरा परिवार बहुत परेशान हो गया था. लेकिन दीक्षा की मां और मैंने फ़ैसला किया कि इस समस्या को बच्चों की कमज़ोरी नहीं बनने देंगे."
कर्नल नरेंद्र डागर ख़ुद भी गोल्फ़ खिलाड़ी रहे चुके हैं. सेना में रहते हुए उन्होंने इस खेल के गुर सीखे. अपने पिता को खेलता देख दीक्षा को भी गोल्फ़ से प्यार हो गया. छह साल की उम्र में उन्होंने पहली बार गोल्फ़ स्टिक उठाई. उनके पिता ने ही उन्हें ट्रेनिंग दी.
इस बीच ऑपरेशन की मदद से दीक्षा का कोक्लियर इम्पलांट हुआ. इस ऑपरेशन के ज़रिए उनके कान में एक मशीन लगा दी गई जिसकी मदद से दीक्षा अब 60 से 70 फ़ीसदी सुन सकती थीं.
दीक्षा ने स्पीच थेरेपी की मदद से बोलना सीखा. उनके पिता बताते हैं, "दीक्षा मशीन की मदद से आवाज़ सुन सकती है. लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं. अगर उनका किसी से आई कॉन्टेक्ट नहीं हो रहा है तो उन्हें आवाज़ सुनने में समस्या होती है."
"कोई सामान्य बच्चा 10 क़दम आगे चला जाए तो उसे आवाज़ देकर बुलाया जा सकता है, लेकिन अगर दीक्षा कुछ कदम आगे बढ़ जाए तो उसे हाथ लगाकर ही रोकना पड़ता है."
दीक्षा ने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी अपनी कमी नहीं बनने दिया. उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाई की और गोल्फ़ भी सामान्य लोगों के साथ खेला.
करियर का सबसे पहला मैच उन्होंने 12 साल की उम्र में इंडियन गोल्फ़ यूनियन नेशनल सब जूनियर सर्किट में खेला था. इसके बाद उनके करियर की गाड़ी फ़ुल स्पीड में दौड़ी.
गोल्फ़ में शानदार प्रदर्शन के दम पर वो अंडर 15 और अंडर 18 स्तर पर नंबर वन एमेच्योर गोल्फ़र बन गईं. लेड़ीज़ एमेच्योर गोल्फ़र की सूची में वो साल 2015 से लगातार पहले पायदान पर रही हैं.
घरेलू टूर्नामेंट के अलावा उन्होंने कई अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट भी खेले. देश के बाहर उनका पहला टूर्नामेंट सिंगापुर में हुआ. यहां लेडीज़ एमेच्योर ओपन गोल्फ़ प्रतियोगिता में भारतीय महिला गोल्फ टीम ने जीत हासिल की थी और एकल मुकाबले में भी दीक्षा अव्वल रहीं.
किसी अंतरराष्ट्रीय गोल्फ़ मैदान पर भारतीय महिला गोल्फ टीम की यह पहली जीत थी.
दो मुकाबलों को छोड़ अब तक के सारे मुकाबले दीक्षा ने शारीरिक रूप से सामान्य लोगों के साथ खेले हैं. तुर्की में खेले गए डेफ़ ओलंपिक में उन्होंने देश को सिल्वर मेडल दिलाया था.
दीक्षा 'यूएस प्रोफ़ेशनल ओपन गोल्फ़र्स प्ले ऑफ़' के फ़ाइनल तक पहुंचीं. इसी साल हुए मलेशिया लेडीज़ ओपन में वो तीसरे नंबर पर रहीं, जबकि टीम के साथ उन्होंने पहला स्थान हासिल किया.
18 अगस्त से होने वाले एशियन गेम्स के बाद दीक्षा आयरलैंड में होने वाले 2018 वर्ल्ड चैम्पियनशीप में हिस्सा लेंगी.
दीक्षा टेनिस, बैडमिंटन और स्विमिंग जैसे गेम्स भी खेलती हैं. लेकिन गोल्फ़ से उन्हें ख़ास प्यार है. यही वजह है कि उन्होंने करियर के तौर पर भी गोल्फ़ को ही चुना.
वो गोल्फ़ से अपने प्यार को कुछ यूं बयां करती हैं, "गोल्फ़ शांति का खेल है और दिमाग़ से खेला जाता है. इसलिए मुझे ये बेहद पसंद है. दूर-दूर तक फ़ैले गोल्फ़ के हरे मैदान मुझे बहुत भाते हैं. जब गेम में ज़्यादा चैलेंज होता है तो मुझे और ज़्यादा मज़ा आता है."
बेशक चुनौतियां अब भी हैं. खेल के मैदान में भी और ज़िंदगी के दूसरे मोर्चों पर भी.
दीक्षा एमेच्योर गोल्फ़र हैं, किसी प्रोफेशनल गोल्फ़र की तरह गेम जीतने पर उन्हें पैसे नहीं मिलते. लेकिन इंडियन गोल्फ़ यूनियन और आर्मी उन्हें मदद देती है.
लेकिन ये मदद काफ़ी नहीं क्योंकि गोल्फ़ बेहद महंगा खेल है. देश में आयोजित होने वाले किसी टूर्नामेंट के लिए ही कम से कम 35 से 40 हज़ार का खर्च आ जाता है और साल में ऐसे 20 से ज़्यादा इवेंट होते हैं.
पैसे के अलावा दीक्षा के सामने एक और चुनौती है, वह यह कि दीक्षा लेफ्ट हैंड की खिलाड़ी हैं. गोल्फ़ खेलने वाले लेफ्ट हैंड खिलाड़ियों के इक्विपमेंट बहुत मंहगे हैं और आसानी से नहीं मिलते. एक गोल्फ किट 3 लाख की आती है .
दीक्षा के पास सुनने के लिए अब अच्छी तकनीक वाली मशीन है, लेकिन इस मशीन की भी अपनी कुछ तकनीकी सीमाएं हैं. जैसे, बैटरी ख़त्म होते ही दीक्षा की ज़िंदगी में सूनापन छा जाता है. वो कुछ सुन नहीं पातीं.
ऐसे ही एक वाकये को याद करते हुए पिता कर्नल डागर बताते हैं कि वे किसी बात पर दीक्षा से बहुत नाराज़ हो गए थे. नाराज़गी में उन्होंने दीक्षा को गुस्से में बहुत डांटा, लेकिन दीक्षा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि दीक्षा की मशीन की बैटरी ही ख़त्म हो चुकी थी जिसकी वजह से वह डांट का एक भी हिस्सा नहीं सुन पाईं.
वो हंसते हुए कहते हैं, ''गुस्सा उतरने के बाद मैंने सोचा कि ठीक ही है जो नहीं सुना. लेकिन कई बार हम एक ही बात को बार-बार कहते हैं. तो वो झल्लाकर कहने लगती है कि कितनी बार कहोगे पापा, मैंने सुन लिया."

Wednesday, August 15, 2018

报告称英国面临多重气候威胁

月12日,英国气候变化委员会发布的最新报告称,英国在国内外都将面临越来越多的气候变化风险。但各领域现行的政策尚无法应对。

在英国新任首相入主唐宁街10号之际,英国独立顾问机构气候变化委员会(CCC)发布的一项研究表明,全球气候变暖将引发极端天气现象,英国政府、企业、公共服务行业乃至所有国民都需要为此做好准备。

  下属的应对气候变化委员会主席,克莱布斯勋爵(L   该报告所做的一份申明中称:“如果推迟或不采取妥善措施应对气候变化,全体英国人民都将面临更大的风险并为此付出更高的代价。”

  这份报告更新了此前其对气候变化应对危机的预测,洪水和海岸线上升被列为影响居民生活、阻碍商业活动和破坏基础设施的重要气候灾害。

过去的12个月里,英国
北部多座城市发生特大洪水,超强降雨淹没了变电站,冲垮了多条道路和多座桥梁。据预测,今后类似灾害事件会更加频繁。如何减少气候变化造成的影响以及评估其带来的经济损失已经成为当前的主要议题。

另一方面,该报告还警告,频繁高温将会影响人们的身体健康、生活状态、生产力水平。而且极端天气灾害还会影响公共供水,进而影响到电厂和工厂用水。

气候变化也会给陆地生物、沿海和海洋生态系统、土壤、生物多样性等“自然资产”带来严重影响。

该报告同时指出,气候变化将严重影响全球人口数量、阻碍各大经济体的发展、不利于人民生活水平的提高。而英国2014年已经成为
世界第五大经济体,其发展与全球息息相关。

此外,气候变化会导致人员伤亡,引发重大人道主义危机,破坏农业生产,而由于世界人口正处于大幅增长的阶段,这将进一步影响供应链(及进口食品价格)、国际贸易以及海外投资。

  以 年美国旱灾引起大豆价格上涨,进而导致一批英国养猪户破产为例,进一步说明了英国与世界各国之间的紧密联系。

该报告还写道,“据推测,气候变化将会导致极端天气现象更加频发,低收入群体将首当其冲。而国际社会很有可能要求英国提供更多的资源用于人道主义援助,那么英国之前为了国家稳定和经济长远复苏所做的努力都将大打折扣。”

“虽然目前还没有定论,但气候变化引发的人口问题(比如移民)会加剧人们对有限的自然资源的争夺,这很有可能导致严重的国际危机或国内暴力冲突。”

该报告指出,气候变化导致的自然灾害,以及水资源紧缺和土地沙漠化等长期趋势将进一步推动人口流动和迁徙。

此外,气候趋向极端化也意味着英国的对外援助预算将更多地用于短期灾害应对,而不是长期发展援助。

  发布的这份报告认为,现在判断英国退欧对其气候变化应对工作的影响为时过早。 “我们所面临的气候风险并不会因为
退欧而有所增减。” 克莱布斯勋爵说,“(然而)之前支撑我们有效应对今后气候变化的部分法律是欧盟的产物,所以我们现在需要做的就是在适当的时候用本国的法律替代它们。”

 报告的一位作者也表达了自己的担忧。他认为28国集团团结起来会比英国单独行动更为有效,退欧将使英国陷入更为艰难的处境。

Monday, August 13, 2018

约翰·克里:气候行动不可逆转

本周三在马拉喀什举办的联合国气候对话上,即将卸任的美国国务卿约翰·克里(John Kerry)以一种充满个人色彩的紧迫语气发表了演说,用自己在气候大会最后的发言机会继续推动环保议题。与此同时,他远在华盛顿的同事们则在忙于应付新当选总统特朗普(Trump)治下的白宫内阁人事调整。

今年早些时候,克里代表美方参加了在纽约举办的《巴黎气候协定》官方批复仪式,并在协定上签字。而在参加马拉喀什会议之前,他刚刚结束了一次南极之旅。在那里,克里近距离目睹了气候变化给脆弱的地球环境带来的巨大影响。

作为首个造访南极洲的华盛顿高官,克里在座无虚席的会议大厅中向人们描述了南极冰盖融化的现状。占世界总冰量90%的南极冰盖如今却正在以超乎预期的速度迅速融化。克里补充道,如果人为的全球变暖得不到遏制,那么未来几个世纪海平面将上升数百英尺。

此前,特朗普曾宣称气候变化是中国无端臆造的一场骗局。因此有人担心,特朗普的当选会导致美国气候行动大退步。对于这一担心,克里在大会上再次保证,无论宗教、民族或政治立场如何,美国人民在遵守气候行动承诺上都会保持团结一致。

克里表示:“绝大多数的美国公民都了解目前正在发生的气候变化,而且会共同努力确保美国遵守气候行动承诺,这一点毋庸置疑。根据我的从政经验,从竞选到实际主政,人对某些议题的观点会发生变化。”

政治纷争无力阻挡市场力量

这位美国气候领袖表示,具有历史性意义的《巴黎气候协定》签署一年来获得了国际商界和金融市场的广泛支持,这对确保《协定》未来成功至关重要。

他还指出,可再生能源市场的迅猛发展恰好证明了私有资本已经开始致力于推动低碳经济的发展。

过去10年全球可再生能源产业扩张了6倍。去年,平均每天安装的太阳能电池板数目就高达100万块。今年,一些国家的可再生能源发电总量成功地超过了化石燃料发电总量。

“这种趋势将持续下去,因为这是市场说了算,不是政府。” 克里的这一番大胆预测得到了在场人群的一片喝彩。

克里表示:“我可以非常自信地告诉大家,美国正按照计划努力完成2030年气候目标。正因为这一切都是由市场决定的,所以我认为没人能够或愿意改变这一趋势。”

最后,这位美国国务卿预计,可再生能源中期市场规模将达到数万亿美元。他警告称:“袖手旁观,让自己国家的新兴产业部门错失清洁技术大发展过程中的良机,对任何一个国家来说,都非明智之举。”

气候变化影响日益明显

在今年的气候大会上各方一致认为,虽然目前我们已经取得了一些进步,但各国现有的行动速度还不能保证将全球变暖维持在安全范围之内。气候变化的影响已经日趋明显。2015年,极端天气事件导致2250万人流离失所。海平面上升更是导致斐济等国生活在海平面高度上的社区不得不永久地搬离他们世代居住的家园。

克里强调,不断加剧的恶劣天气事件不仅会造成人员伤亡、野生动植物及其栖息地的毁灭,还会让各国工业面临更大的风险和财政损失。比如, 2016年前3个月美国用于气候灾害的支出就高达270亿美元,其中仅路易斯安那州洪水地区灾后修复就花费了100亿美元。克里表示,在评估去碳化成本时,政策制定者应该更多地将上述因素纳入成本/收益分析。

当务之急

在演讲中,克里提出了一系列有效对抗气候变化的建议。燃煤电厂为全球提供了近30%的电力供应,但同时也“贡献”了全球一半的温室气体排放。因此克里强调,必须立即停止建设新的燃煤电厂。他指出,如果继续新建燃煤电厂,那么低碳技术怎样发展都是徒劳的,在人口快速增长和能源需求迅速攀升的发展中国家尤其如此。

克里还呼吁改善碳交易市场,他提议各国政府和业界为碳排放定价。除此之外,克里提议两党合作共同推动气候行动,并对可再生能源实施税收减免。

这位即将离任的国务卿警告称,如果不能采取快速全面的措施减缓气候变化,那么未来人类将会遭受不可逆转的灾难性后果。


11月16日举行的联合国气候变化框架公约第22届缔约国会议发布了一份关于2050年前美国去碳化战略的报告。
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